Saturday, June 26, 2010

बहन और जीजा के हत्‍यारे पुलिस की हिरासत में

इज्जत के नाम पर अपनी बहनों व जीजा का कत्ल करने वाले अंकित और उसके दोस्त मनदीप व निक्कू को गाजियाबाद पुलिस ने गढ़ मुक्तेश्वर से गिरफ्तार कर लिया। पिछले चार दिनों से फरार इन तीनों की गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस भी गाजियाबाद पहुंच गई।

पुलिस की पूछताछ में तीनों आरोपियों ने कहा कि उन्होंने पड़ोसियों के तानों से तंग आकर इस घटना को अंजाम दिया। रविवार की शाम को अंकित ने मनदीप और निक्कू की मदद से अशोक विहार एच-ब्लॉक में अपनी बहन मोनिका व जीजा कुलदीप की गोली मार कर हत्या की थी।

मोनिका-कुलदीप का कत्ल करने से कुछ देर पहले ही मनदीप ने अंकित और निक्कू के साथ अपनी छोटी बहन शोभा का कत्ल किया था। कत्ल की तीनों वारदातों को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपी कार से हरिद्वार और वहां से ऋषिकेश चले गए। ऋषिकेश की अपर गंगा में इन लोगों ने हत्या में इस्तेमाल की गई पिस्टल फेंक दी और फिर वहां से मसूरी, देहरादून होते हुए गढ़मुक्तेश्वर आ गए।

परन्‍तु मीडिया के सामने आते ही ये सब अपने बयान से पलट गए और कहा कि हमने कोई हत्‍या नहीं की है। हमें जानबूझकर इसमें फंसाया जा रहा है। हम तो यहां घूमने आए थे। पर हमने न्‍यूजपेपर और टीवी पर समाचार देखे तो पता चला की इन हत्‍याओं का जिम्‍मेवार हमें बताया जा रहा है, इसलिए हम डर कर गए थे और छिप रहे थे। पर हमने कुछ नहीं किया है। इनके हाव भाव देखकर तो यही लग रहा है कि इनको किसी ने अच्‍छी तरह से समझाबूझा कर आत्‍मसमर्पण करवाया है। और यह सब बहुत सूझबूझ के साथ किया गया मर्डर है हो सकता है कि इसके पीछे किसी और का भी दिमाग हो। क्‍योंकि बार-बार मीडिया के पूछने पर भी ये सब केवल यही बोल रहे हैं कि हमें जो भी कुछ बोलना होगा हम कोर्ट के सामने बोलेंगे।

इज्‍जत के नाम पर कत्‍ल कर देना यह बहुत ही निदंनीय है और वह भी सोच समझकर प्‍लान करके क्‍तल करना मतलब लगता है कि समाज में इंसानियत बिल्‍कुल भी नहीं बची।