Tuesday, May 5, 2009

"इजाजत दे दो..."


तुम मेरी जिंदगी का एक हसीन लम्हा हो,
फूलों से खुद को सजाने की इजाजत दे दो,


मैं कितना चाहता हूं किस तरह बताऊ तुम्हें,
मुझे ये आज बताने की इजाजत दे दो,


तुम्हारी रात सी जुल्फों में चांद सा चेहरा,
मुझे ये शाम सजाने की इजाजत दे दो,

मुझे कैद कर लो अपने इश्क में,
ये जान तुम पर लूटाने की इजाजत दे दो,


नहीं है शौक मुझे भूलने का मगर,
मुझे ये दुनिया भुलाने की इजाजत दे दो।