Saturday, March 28, 2009

"मैंने सिर्फ और सिर्फ तुमसे मोहब्बत की है"


तेरी हर बात से मोहब्बत की है,
तेरे हर अहसास से मोहब्बत की है,

तु मेरे पास नहीं है फिर भी,
तेरी याद से मोहब्बत की है,

मैं तुमको किस तरह भूल सकता हूं,
मैंने तेरी हर अदा से मोहब्बत की है,

कभी तो तुने भी मुझे याद किया होगा,
मैंने उन लम्हों से मोहब्बत की है,

जिनमें हो सिर्फ तेरी और मेरी बातें,
मैंने उन बातों से मोहब्बत की है,

और जो महका हो सिर्फ तेरी ही मोहब्बत से,
मैंने उन जज्बातों से मोहब्बत की है,

मैंने तेरी हर अदा से मोहब्बत की है,
मैंने सिर्फ और सिर्फ तुमसे मोहब्बत की है...।

4 comments:

Anonymous said...

PLEASE PROMOTE IT ON YOU BLOG CREAT AWARENESS



मै अपनी धरती को अपना वोट दूंगी आप भी दे कैसे ?? क्यूँ ?? जाने





शनिवार २८ मार्च २००९समय शाम के ८.३० बजे से रात के ९.३० बजेघर मे चलने वाली हर वो चीज़ जो इलेक्ट्रिसिटी से चलती हैं उसको बंद कर देअपना वोट दे धरती को ग्लोबल वार्मिंग से बचाने के लियेपूरी दुनिया मे शनिवार २८ मार्च २००९ समय शाम के ८.३० बजे से रात के ९.३० बजेग्लोबल अर्थ आर { GLOBAL EARTH HOUR } मनाये गी और वोट देगी

rajkumari said...

आपने बहुत खूब लिखा है .

अनिल कान्त said...

बहुत खूब ........अच्छे हैं

मेरी कलम - मेरी अभिव्यक्ति

दिगम्बर नासवा said...

तु मेरे पास नहीं है फिर भी,
तेरी याद से मोहब्बत की है,

मोहब्बत, bas mohabbat hi to jindagi hai bahoot khoob lkha