Thursday, January 29, 2009

"अब रहा नहीं जाता"


जब-जब घिरे बादल तेरी याद आई,

जब झूम के बरसा सावन तेरी याद आई,

जब-जब मैं भीगा तेरी याद आई,

अब रहा नहीं जाता जान लौट के आ जा।

3 comments:

Unknown said...

sahi bol rahe ho bhiya ab raha ni jata. use jaldi se chori kar ke le aayo. i m also missing her

दिगम्बर नासवा said...

oye होए.............क्या लिख दिया
गज़ब, मजा आ गया

Dr.Bhawna Kunwar said...

sundar..